Tuesday, 29 November 2011

ड़ोप्लेर प्रभाव का जनक

प्रिय मित्र, 

२९ नवम्बर १८०३ में (आज ही के दिन ) महान ऑस्ट्रियाई भौतिकविद क्रिस्चन ड़ोप्लेर को जनम हुआ था. उन्हें  ड़ोप्लेर प्रभाव का जनक माना जाता है. ड़ोप्लेर प्रभाव १८४२ में सामने आई. इनकी मृत्यु  १७ मार्च १८५३ में इटली में हुआ.



क्या आप जानते है की ड़ोप्लेर प्रभाव क्या है?

ड़ोप्लेर प्रभाव के अनुसार, जब कोई गतिशील ध्वनि स्रोत हमारे करीब आता है तो ऐसा लगता है की ध्वनि की तीब्रता धीरे धीरे बढ़ रही है और जब कोई गतिशील ध्वनि स्रोत हमसे दूर जा रही होती है तो ध्वनि की तीब्रता धीरे धीरे घटती जाती है. 

ड़ोप्लेर ने ही बताया था की ध्वनि तरंगो के रूप में चलती है. करीब आने पर ध्वनि की तीब्रता तथा आव्रती बढ़ती जाती है और दूर जाने पर घटती जाती है.

सचमुच,  विज्ञान  है अद्भुत ! 

 आपका हितैषी

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