Thursday, 1 December 2011

विश्व एड्स दिवस

प्रिय मित्र, 

आज विश्व एड्स दिवस है. जैसा की आप जानते है की एड्स का पूर्ण रूप Acquired  Immune Deficiency Syndrome है. यह एच आई वी (ह्यूमन immune virus)  नामक विषाणु के रक्त में प्रवेश हो जाने से फैलता है. 
एच आई वी १/१००० मिमी व्यास का एक गोलाकार विषाणु है. इसमें अनुवानशिक पदार्थ के रूप में आर एन ऐ विद्यमान रहता है. 





एच आई वी का संक्रमण ४ तरह से होता है:


  1. एच आई वी पोजिटिव व्यक्ति के साथ यौन सम्बन्ध बनाने से.
  2. एच आई वी पोजिटिव व्यक्ति के रक्त आधान से.
  3. एच आई वी पोजिटिव माँ से गर्भ में पल रहे बच्चो में. 
  4. एच आई वी पोजिटिव व्यक्ति के प्रयोग किये गए ऐसे साधन जिसमे उसके रक्त का संपर्क हो यथा सुए , रेजर , चाकू आदि . 
एच आई वी संक्रमित व्यक्ति में रोगों से लड़ने की क्षमता को नस्ट कर देता है. एच आई वी संक्रमण से बचने के लिए निम्नाकित बातो पर ध्यान देना चाहिए.
  1. अजनबी साथी के साथ यौन सम्बन्ध न करे.
  2. रुधिर आदान के समय उचित जाँच हो.
  3. एच आई वी पोजिटिव व्यक्ति के प्रयोग किये गए ऐसे साधन जिसमे उसके रक्त का संपर्क हो यथा सुए , रेजर , चाकू आदि से बचाना चाहिए 
  4. सतर्कता तथा जागरूकता का ख्याल रखे.

एड्स के लक्षण इस प्रकार है:
  • लम्बे समय तक बुखार 
  • सिरदर्द 
  • थकन
  • हैजा 
  • लसीकाओ में सुजन
  • तेजी से वजन में कमी
  • सुखी खासी 
  • सोते समय पसीना आना
  • एक हफ्ते से अधिक दस्त 
  • भुलने की आदत
  •  मुह, पलको के निचे लाल या गुलाबी धब्बे पड़ना आदि.
आशा है, आप इन बातों का ख्याल रखेंगे.

आपका हितैषी 

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