प्रिय मित्र,
यूरोपियन परमाणु अनुसन्धान संगठन द्वारा ब्रह्माण्ड की उत्तपति के सम्बन्ध में पता लगाने के लिए किये जा रहे महाप्रयोग में भारत की भी महत्वपूर्ण वज्ञानिक और तकनीक सहयोग है.
अल्बर्ट आइंस्तेन के सापेक्षिता के सिद्धांत को चुनोती दे सकनी वाली इस खोज में भारत की अहम् योगदान है. सर्न नाम से जाने जा रही संस्थान ने प्रकाश से अधिक गति से यात्रा करने वाले नयूत्रिनो की खोज करने की दावा किया है जिससे अल्बर्ट आइंस्तेन का सिद्धांत पुराना पर जाता है.
सर्न के प्रवक्ता पोओलो गुअबलिनो के शबदो में, भारत परियोजना के ऐतेहासिक पिता की तरह है. उन्होंने यह भी कहा की भारतीय वज्ञानिको ने इसमें काफी यागदान किया है जिसका उद्दश्य एक नियंत्रित वातावरण में बिग बेंग प्रभाव पैदा कारन था. उक्त प्रोजेक्ट्स में 100 भारतीय वज्ञानिको ने दिन-रात काम किया और 10 भारतीय इसमें सामान रूप से हिस्सेदार भी रहे.
जय भारत !
सर्न के प्रवक्ता पोओलो गुअबलिनो के शबदो में, भारत परियोजना के ऐतेहासिक पिता की तरह है. उन्होंने यह भी कहा की भारतीय वज्ञानिको ने इसमें काफी यागदान किया है जिसका उद्दश्य एक नियंत्रित वातावरण में बिग बेंग प्रभाव पैदा कारन था. उक्त प्रोजेक्ट्स में 100 भारतीय वज्ञानिको ने दिन-रात काम किया और 10 भारतीय इसमें सामान रूप से हिस्सेदार भी रहे.
जय भारत !
आपका हितैषी
विज्ञान विषयों पर आपकी रूचि है यह जानकर प्रसन्नता हुई -लिखते रहें .साधुवाद!
ReplyDeleteThank u for your support....
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